Home देश कारगिल जीत ‘‘वर्ष 2019 ‘ऑपरेशन विजय’ की 20 वीं वर्षगांठ

कारगिल जीत ‘‘वर्ष 2019 ‘ऑपरेशन विजय’ की 20 वीं वर्षगांठ

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नई दिल्ली – कारगिल विजय दिवस  की अगले महीने 20 वीं वर्षगांठ मनाने के लिए थल सेना की दिल्ली से जम्मू कश्मीर के द्रास तक कई कार्यक्रम आयोजित करने की योजना है। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।इस साल के समारोह 25 से 27 जुलाई तक, तीन दिनों तक चलेंगे। एक अधिकारी ने कहा, ‘‘हालांकि, मुख्य कार्यक्रम की तैयारी के तहत जुलाई के प्रथम सप्ताह से देश भर में कई सारी गतिविधियां आयोजित करने की योजना है।’’उन्होंने कहा कि यहां राष्ट्रीय युद्ध स्मारक से ‘विजय मशाल’ निकाले जाने के साथ राष्ट्रीय राजधानी में 14 जुलाई से समारोह शुरू हो जाएगा। यह मशाल 11 शहरों से गुजरेगी। मशाल यात्रा की टीम लोगों को शैक्षणिक और देशभक्ति से जुड़े संदेश देगी और यह विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में प्रमुख शख्सियतों और छात्रों के साथ बात करेगी।कार्यक्रमों में कारगिल युद्ध में भाग ले चुके सैनिकों की इकाइयों द्वारा अपने- अपने युद्धक्षेत्र में स्थित तूलिंग, टाइगर हिल, प्वाइंट 4875 तक चढ़ाई करना भी शामिल होगा। साथ ही, विभिन्न राज्यों एवं केंद्र शासित क्षेत्रों के एनसीसी कैडेट का विशेष राष्ट्रीय समन्वय शिविर भी लगाया जाएगा।

ये कार्यक्रम लेह में 12 दिनों तक चलेंगे।थल सेना ने एक बयान में कहा है, ‘‘वर्ष 2019 ‘ऑपरेशन विजय’ की 20 वीं वर्षगांठ है। राष्ट्र करगिल युद्ध में मिली जीत की 20 वीं वर्षगांठ इस साल गर्व, सम्मान और प्रेरणा के साथ मनाएगा। सेना ने कहा, ‘‘विजय की 20 वीं वर्षगांठ का विषय है-स्मरण करना (रिमेम्बर), खुशी मनाना (रीज्वाइस) और नवीकरण करना (रीन्यू)।’’बयान में कहा गया है कि करगिल विजय दिवस लद्दाख के लोगों के लिए एक विशेष अवसर है। लद्दाख के लोग ‘एक दौड़ शहीदों के नाम’ में भाग लेंगे। इस अवसर पर लद्दाख क्षेत्र में एक टी-20 क्रिकेट चैम्पियनशिप आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम का समापन 27 जुलाई को इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में ‘करगिल विजय दिवस ईवनिंग’ के बाद होगा। कारगिल युद्ध के दौरानभारतीय सेना ओ  के शौर्य और पराक्रम को दर्शाने वाली 10 ट्रेनें देश के शहरों से होकर गुजरेंगी। कारगिल दिवस के मौके पर भारतीय रेलवे सोमवार को ऐसी 10 ट्रेनों को रवाना करेगी। भारतीय रेलवे के एक प्रवक्ता ने ये जानकारी दी है। रेलवे के एक प्रवक्ता ने बताया कि कारगिल की बर्फीली वादियों में युद्ध और देश के जवानों के सर्वोच्च बलिदान की कहानी को बयां करने वाले पोस्टर ट्रेनों पर लगाए जाएंगे। इन तस्वीरों में करगिल का पूरा अतीत होगा। 1999 में हुए कारगिल युद्ध के 20 साल हो चुके हैं। इस दौरान एक पूरी नई पीढ़ी सामने हो चुकी है। इस पीढ़ी को कारगिल युद्ध की जानकारी देने और युवाओं में देशभक्ति का भाव पैदा करने के लिए रेलवे ने ये पहल की है।

कारगिल युद्ध के 20 साल होने पर इस तरह की पहली ट्रेन सोमवार को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से रवाना होगी। इस बाबत रेल मंत्री पियुष गोयल  के कार्यालय ने ट्वीट किया, “10 ट्रेनों के जरिए कारगिल युद्ध के इतिहास को बताया जाएगा, इसमें ट्रेनों पर शौर्य गाथा की तस्वीरें लगायी जाएंगी। तस्वीरों से यात्रियों को युद्ध के शहीदों के बारे में पता चलेगा।”इस सिलसिले में जिस पहली ट्रेन को रवाना किया जाएगा वो है दिल्ली से वाराणसी के बीच चलने वाली काशी-विश्वनाथ एक्सप्रेस। इस ट्रेन को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन और रेल राज्य मंत्री सुरेश अंगड़ी हरी झंडी दिखाएंगे।रिपोर्ट के दौरान इस दौरान शहीदों के के कुछ परिवार भी मौजूद रह सकते हैं, जिन दूसरी ट्रेनों में ऐसे पोस्टर लगाए जाएंगे वे हैं ब्रह्मपुत्र मेल, सीमांचल एक्सप्रेस, गोंडवाना एक्सप्रेस और गोवा संपर्क क्रांति एक्सप्रेस। कारगिल युद्ध के बारे में देश की मौजूदा पीढ़ी को बताने के लिए केंद्र सरकार ने और कई कार्यक्रम आयोजित कर रही है। इसमें कारगिल की उन चोटियों पर फिर चढ़ाई शामिल है, जहां 1999 में पाकिस्तान ने कब्जा कर लिया था।